SBI LOAN: SBI के ग्राहकों को लगा बड़ा झटका, फिर बढ़ गई आपकी लोन EMI

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state bank of india: यदि आपने लोन लिया है या फिर SBI LOAN लेने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको ज्यादा EMI भरनी पड़ेगी, क्योंकि बैंक ने MCLR बढ़ोतरी कर दी है

State Bank of India MCLR Rates: यदि आपने एसबीआई लोन ले रखा है या फिर आप लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं तो अब आपको ज्यादा EMI चुकाना होगा क्योंकि बैंक ने अपने MCLR में इजाफा कर दिया है ईएमआई की नई दर 15 मई यानी कि रविवार से लागू कर दी गई है state bank of india (SBI) देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है और इस तरह से MCLR में बढ़ोतरी करने के कारण ग्राहकों को तगड़ा झटका लगा है रेट बढ़ने के कारण स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहकों को होम लोन से लेकर कार लोन और पर्सनल लोन की EMI को भरने के लिए भी ज्यादा ईएमआई चुकाना होगा

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यहां पर एक बात का विशेष ध्यान दें कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपने पहले से लोन लिया है या फिर आप नया लोन के लिए अप्लाई करने वाले हैं क्योंकि आपको लोन की ईएमआई नए रेट के अनुसार ही चुकानी होगी

10 बेसिस प्वाइंट का हो गया इजाफा
बैंक ने पहले भी MCLR में बढ़ोतरी की थी इस बार बैंक की तरफ से यह दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है जिसमें 0.10% का बढ़ोतरी किया गया है जिसे हम दूसरे शब्दों में 10 बेसिस प्वाइंट कहते हैं और यह बढ़ोतरी सभी प्रकार के लोन पर लागू की गई है

अप्रैल के पहले महीने में भी हुआ था इजाफा
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले महीने यानी कि अप्रैल में भी एमसीएलआर की दरों में इजाफा हुआ था साल 2019 से लेकर अब तक होम लोन के लेंडिंग रेट्स में 40 बेसिस प्वाइंट यानी कि 0.40 प्रतिशत का इजाफा हुआ है अचानक ही 4 मई को आरबीआई ने रेपो रेट में बढ़ोतरी कर दी जिसके बाद सभी बैंकों के लोन महंगे हो चुके हैं आरबीआई की तरफ से अचानक रेपो रेट्स की बढ़ोतरी होने के कारण सरकारी बैंकों से लेकर प्राइवेट बैंकों तक सभी बैंकों के लोन महंगे हो चुके हैं

किन ग्राहकों पर पड़ेगा असर?
बैंक के द्वारा लिए गए इस फैसले की वजह से उन सभी ग्राहकों पर असर पड़ेगा जिन लोगों ने पहले से लोन ले रखा है जिसमें ऑटो लोन, होम लोन या फिर पर्सनल लोन भी शामिल किया गया है अगर आपने भी इस तरह से किसी प्रकार का लोन ले रखा है तो अब आपको ज्यादा ईएमआई चुकाना होगा

क्या होता है MCLR Rates?
बहुत सारे लोगों को अभी तक यह नहीं पता होगा कि MCLR क्या होता है तो हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आरबीआई की नई गाइडलाइंस के अनुसार अब कमर्शियल बैंक बेस रेट के बदले Marginal cost of fund based lending rate (MCLR) के आधार पर देते हैं एमसीएलआर को निर्धारित करने के लिए फंड आधारित उधार दर की सीमांत लागत एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

यदि रेपो रेट में किसी भी प्रकार का बदलाव होता है तो मार्जिन कॉस्ट ऑफ फंड में बदलाव जरूर आता है जब होम लोन ग्राहकों को होम लोन ब्याज दरों की समीक्षा करने का समय आता है तो MCLR में बढ़ोतरी होने के कारण उनकी ईएमआई महँगी हो जाती है और ग्राहकों को पहले की तुलना में अधिक ईएमआई चुकाना पड़ता है इसी कारणवश यदि आपने पहले से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा एसबीआई होम लोन लिया है तो एसबीआई होम लोन किस्त का भुगतान अधिक मात्रा में करना होगा

हालांकि अब तक आपको यह अच्छी तरह से समझ में आ गया होगा कि एमसी आयल क्या होता है और यह किस प्रकार से ईएमआई पर प्रभाव डाल सकता है लेकिन अब आपको यह भी अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए कि नए रेट क्या है और आपको इसके अनुसार कितना ज्यादा ईएमआई का भुगतान करना होगा

क्या हो गए हैं नए रेट्स-

  • यदि यहां पर नए रेट की बात की जाए तो एसबीआई का रातो रात, 1 महीने और 3 महीने का MCLR 6.75 प्रतिशत से उछल कर 6.85 प्रतिशत तक बढ़ गया है
  • यहीं पर यदि 6 महीने का MCLR की बात की जाए तो यह 7.15% तक बढ़ गया है
  • इसी के साथ 1 साल का MCLR 7.20 प्रतिशत हो गया है
  • यहां पर यदि 2 साल और 3 साल के MCLR की बात की जाए तो 2 साल का एमसीएलआर 7.40 प्रतिशत हो गया है
  • यहीं पर यदि पूरे 3 साल का MCLR देखा जाए तो यह पहले की तुलना में बढ़कर 7.50% हो गया है

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