सप्लाई चैन मैनेजमेंट क्या है

सप्लाई चैन एक बहुत ही इंपॉर्टेंट टॉपिक है | बहुत सारे लोगों को यह कन्फ्यूजन रहता है,
कि आखिर सप्लाई चैन होता क्या है | और यह किस तरह से यूज होता है |
यानी कि बहुत सारे लोग यही नहीं समझ पाते हैं | कि आखिर सप्लाई चैन का मतलब होता क्या है |
आज के इस पोस्ट में हम समझेंगे, की सप्लाई चैन क्या होता है |
और इसका यूज़ कैसे होता है | तो चलिए जानते हैं क्या है |

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supply chain management

ओवरऑल अगर बात की जाए तो सप्लाई चैन एक तरह का एक कोर्स है |
और यह एक बहुत ही लंबा कांसेप्ट है | जो कि आप इतनी आसानी से नहीं समझ सकते हैं |
लेकिन फिर भी मैं आसान भाषा में आप को समझाने की कोशिश करूंगा |
जिससे कि आप काफी आसानी से समझ सके |

सप्लाई चैन मैनेजमेंट

पहले हम यह समझ लेते हैं, की सप्लाई चैन मैनेजमेंट का कॉन्सेप्ट क्या है |
और इसे आखिरकार सप्लाई चैन मैनेजमेंट बोला क्यों गया है |
सप्लाई चैन मैनेजमेंट दो शब्दों से मिलकर बना है |
पहला है सप्लाई चैन, प्लस मैनेजमेंट | इस तरह से यहां पर आपके सामने दो चीजें आती हैं,
पहला सप्लाई चैन, और दूसरा मैनेजमेंट | तो सबसे पहले हम यह समझ लेते हैं
कि, सप्लाई चैन क्या है | और सप्लाई चैन का मतलब क्या है |

सप्लाई चैन क्या है

सप्लाई चैन का मतलब होता है, किसी भी प्रोडक्ट की पूरी डिटेल |
यानी कि उदाहरण के लिए आप यह मान लीजिए, कि आपके पास अगर कोई भी प्रोडक्ट आता है |
तो ऐसा तो है नहीं, कि वह प्रोडक्ट डायरेक्ट ही आपके पास आ गया |
सप्लाई चैन में आपको यह समझना होता है |


कि इस प्रोडक्ट को बनाने से पहले वह किस तरह का था |
उसका रा मटेरियल कौन कौन सा था | और उसके कौन-कौन से प्रोसीजर थे |
और किन-किन प्रोसीजर को फॉलो करने के बाद, यह मटेरियल का रूप आपके सामने आया है |

सप्लाई चैन का स्वरूप

उदाहरण के लिए आप मान लीजिए, कि आप कोई भी खाने पीने वाली चीजें लेते हैं |
जैसे कि मान लीजिए, आप कोई नमकीन का पैकेट लेते हैं |
तो ऐसा तो है नहीं कि, नमकीन डायरेक्ट ही बन जाता है |
इसके लिए सबसे पहले उसमें कौन-कौन से मैटेरियल यूज किए गए हैं |
वह मटेरियल कहां से आए हैं | और उसके बाद उसको पैक होने में कितने लोगों ने काम किया है |
और पैक होने के बाद उसका मूवमेंट क्या है | मान लीजिए कि पहले रॉ मैटेरियल आता है |
इसके बाद प्रोडक्ट तैयार किया जाता है |

इस प्रोडक्ट को तैयार करने के लिए, जितने लोगों की इंवॉल्वमेंट होती है |
और तैयार होने के बाद उसकी मार्केटिंग किस तरह से होती है |
और किस तरह से उसको एक बाजार तक पहुंचाया जाता है |
और उसके बाद से कस्टमर तक पहुंचाने का जो भी सिस्टम है |
इन सारे सिस्टम को मिला करके सप्लाई चैन बनती है |
एक तरह से कहा जाए तो, किसी भी प्रोडक्ट को बनाने के लिए |
और उसे कस्टमर तक पहुंचाने के लिए | जितने भी प्रोसीजर को फॉलो किया जाता है,
वह सप्लाई चैन कहलाता है |

क्या सभी प्रोडक्ट की सप्लाई चैन एक जैसी हो सकती है

अगर आप यह सोच रहे हैं, की सभी प्रोडक्ट की सप्लाई से नहीं जैसी हो सकती है |
तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है | हर प्रोडक्ट की सप्लाई चैन प्रोडक्ट के हिसाब से अलग-अलग होती है |
वैसे तो अब तक आप अच्छी तरह से समझ ही चुके होंगे, की सप्लाई चैन क्या होती है |
लेकिन फिर भी हम आपको उदाहरण के लिए बेहतर ढंग से समझा देते हैं |
जिससे कि आपको आसानी से समझ में आ जाए |
एक प्रोडक्ट को तैयार करने के लिए किस तरह सप्लाई चैन बनता है |

सप्लाई चैन कैसे बनता है

सप्लाई चैन को हम बहुत ही आसान भाषा में पांच आसान चरणों में समझेंगे |
नंबर 1 सबसे पहले आता है हमारा रॉ मैटेरियल |
यह सबसे पहली कंडीशन में आता है |इसमें कोई भी प्रोडक्ट अपने सबसे पहले रूप में होता है |
इसको आप कहीं से भी किसी भी सप्लायर के द्वारा खरीदते हैं |


अब इस रॉ मैटेरियल को खरीदने के बाद इसे कन्वर्ट किया जाता है, semi-finished प्रोडक्ट में |
अभी यहां पर यह समझने वाली बात है इस सेमी फिनिश्ड प्रोडक्ट को किसने बनाया |
तो मैन्युफैक्चरर ने बनाया | अब यही प्रोड्यूसर मैन्युफैक्चरर इस प्रोडक्ट को फिनिश्ड प्रोडक्ट में कन्वर्ट करेगा |
इस तरह से हमारी तीन कंडीशन यहां पर आ जाती हैं | लेकिन अभी आपके दिमाग में हो सकता है |
कि ऐसे सवाल आ रहे हैं, कि इन तीनों कंडीशन में सप्लाई चैन का क्या काम है |
तो इसका जवाब हम आपको बता देते हैं |

सप्लाई चैन

जब भी आप किसी प्रोडक्ट को, या फिर किसी मटेरियल को, किसी दूसरे रूप में कन्वर्ट करते हैं |
तो इसमें आपकी कुछ ना कुछ कॉस्ट लगती है | और इसके बाद ऐसा तो नहीं है |
कि आपने अगर फिनिश्ड प्रोडक्ट को कंप्लीट कर लिया | तो आपका प्रोडक्ट मार्केट में जाकर बिक ही जाएगा |
इसके लिए आपको डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंचाना होगा |

अब जब आप इस प्रोडक्ट को डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंचाएंगे |
तो डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंचाने के लिए आपको जो पैकेजिंग कॉस्ट लगेगी |
वह तो लगेगी ही, साथ ही साथ जब आप इस प्रोडक्ट को डिस्ट्रीब्यूटर तक पहुंचा देंगे |
तो डिस्ट्रीब्यूटर उस प्रोडक्ट को सुपर मार्केट में या फिर मार्केट में दुकान तक ले कर जाएगा |
और उस दुकान पर पहुंचने के बाद तब आपका प्रोडक्ट कस्टमर के पास पहुंचेगा |
इस तरह से यह एक सप्लाई चैन का नार्मल सा उदाहरण था |
जिससे कि आप आसानी से समझ सके |
उम्मीद करते हैं कि अब तक आप सप्लाई चैन के बारे में अच्छी तरह से समझ चुके होंगे |

मैनेजमेंट

जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा की सप्लाई चैन मैनेजमेंट दो शब्दों से मिलकर बना है |
एक तो सप्लाई चैन | और दूसरा मैनेजमेंट |
तो अब तक आप यह समझ चुके हैं कि सप्लाई चैन क्या होता है |
और किस तरह से एक सप्लाई चैन बनती है | अब समझ लेते हैं कि मैनेजमेंट के बारे में |
मैनेजमेंट क्या है, और मैनेजमेंट में क्या-क्या चीजें आती हैं |
तो चलिए जानते हैं मैनेजमेंट के बारे में |

मैनेजमेंट क्या है

अगर आसान भाषा में कहें तो, मैनेजमेंट के अंदर वह सारी चीजें आती हैं |
जो कि आपकी गोल को अचीव करने में आपकी मदद करते हैं |
जैसे कि planning, organising, leading, and controlling |
मैनेजमेंट के अंदर बहुत सारी ऐसी कंडीशन भी होती हैं |
जो कि आपकी के लिए बहुत ही जरूरी होती है |
और हमेशा आपकी अचीवमेंट को ग्रो करने में आपकी मदद करती हैं |
उदाहरण के लिए किसी भी बिजनेस को स्टार्ट करने के लिए |
या फिर किसी भी काम को स्टार्ट करने के लिए |
आपको बहुत सारी चीजों को मैनेजमेंट करना पड़ता है | “
और वह सारी चीजें सप्लाई चैन मैनेजमेंट के अंदर आती है |

सप्लाई चैन मैनेजमेंट का उदाहरण

जब भी आप किसी बिजनेस को स्टार्ट करने के बारे में सोचते हैं |
तो पहले आप उस बिजनेस की जगह को ढूंढते हैं |
उसके बाद वहां पर कौन-कौन से मैटेरियल लगेंगे उनके बारे में सोचते हैं |
उसके बाद उसकी प्लानिंग बनाते हैं | उसका कॉस्ट कितना आएगा |
यह सारी चीजों की एक पूरी अच्छी तरह से प्लानिंग करते हैं |
और इस प्लानिंग को, अच्छी तरह से कंप्लीट करने के बाद |
आप इस प्लानिंग के ऊपर काम करते हैं |

लेकिन इस प्लानिंग को करने के लिए आप जो सिस्टम बनाते हैं |
कि कौन सी चीजें कहां से आएंगी, किन चीजों में कितना खर्च होगा |
और इस खर्च को करने के बाद, आपका कितना प्रॉफिट होगा |
इन सारी चीजों को जब आप सही ढंग से मैनेजमेंट करते हैं |
और उसके बाद जब शुरू से लेकर, और आप जहां पर पहुंच चुके हैं |
उन चीजों को देखते हैं | तो आप अच्छी तरह से समझ जाएंगे,
की सप्लाई चैन मैनेजमेंट क्या होता है |

इसमें सप्लाई चैन वह है, जो भी चीजें जो भी मटेरियल |
आप अपने उस काम को कंप्लीट करने के लिए यूज करते हैं |
और उस रा मटेरियल को जहां से मंगवाते हैं |
वह सारी चीजें आपकी सप्लाई चैन के अंदर आती हैं | और मैनेजमेंट वह है,
कि जब आप पूरी प्लानिंग बना लेते हैं | और प्लानिंग बनाने के बाद,
इस प्लानिंग के ऊपर काम करते हैं | तो यह चीजें मैनेजमेंट के अंडर आती हैं |
जिसमें की आपकी जरूरत की सारी चीजें होती हैं | और आप इसे सही ढंग से मैनेज करके |
उस प्लानिंग के ऊपर काम कर सकते हैं |

निष्कर्ष

दोस्तों बहुत सारे लोगों को यह कंफ्यूजन होती है | या फिर उन्हें यह लगता है,
कि हमारा तो बिजनेस बहुत छोटा सा है | या फिर हम जिस बिजनेस को स्टार्ट करने वाले हैं |
उसके लिए सप्लाई चैन मैनेजमेंट जैसी चीजों की क्या जरूरत है |
या फिर हर तरह की चीजों में सप्लाई चैन मैनेजमेंट जैसी,
किसी भी चीज की जरूरत नहीं है | लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है |
जैसा कि आप ऊपर के आर्टिकल में | अच्छी तरह से यह समझ चुके होंगे,
कि सप्लाई चैन मैनेजमेंट क्या है | और इसके ऊपर किस तरह से काम किया जाता है |

अगर आप भी कोई काम करते हैं | और आप उस में सफल होना चाहते हैं |
तो आप किसी भी चीज को | किसी भी बिजनेस को |
स्टार्ट करने से पहले सप्लाई चैन मैनेजमेंट को अच्छी तरह से समझ ले |
और उसके बाद से अपनी प्लानिंग बनाएं | और प्लानिंग बनाने के बाद उसी प्लानिंग के ऊपर,
आप अपना काम करें | तो आप अपने उस काम में सफल जरूर होंगे |
उम्मीद है यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा |
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